PM KISAN YOJANA : पीएम किसान स्कीम की 12वीं किस्त आने से पहले कर लें रजिस्ट्रेशन, ये रहा पूरा प्रोसेस

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एक अगस्त से 30 नवंबर के बीच केंद्र सरकार कभी भी आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकती है पीएम किसान योजना के 2000 रुपये. अब तक नहीं मिल रहा है लाभ तो फटाफट करिए रजिस्ट्रेशन. जानिए किन कागजातों की होगी जरूरत और क्या है इसमें रजिस्टर्ड होने का प्रोसेस.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) के तहत मोदी सरकार एक बार फिर से किसानों के बैंक खातों में 2000-2000 रुपये भेजने जा रही है. अब तक 11 किस्त की राशि आ चुकी है। अब 12वीं की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत करीब 11 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 22,000 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे. अब भी करीब तीन करोड़ ऐसे किसान हैं जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि केंद्र सरकार चाहती है कि हर पात्र किसान को पैसा मिले। ऐसे में अभी भी 12वीं किस्त का पैसा मिलने का मौका है। आपको इस योजना के लिए जल्द से जल्द आवेदन करना चाहिए। अगर आपने पहले ही आवेदन कर दिया है तो आप स्टेटस चेक करके अपना रिकॉर्ड सही कर सकते हैं। ताकि अगली किश्त के पैसे मिलने में देरी न हो।

पीएम किसान योजना के तहत केंद्र सरकार हर चार महीने में पंजीकृत किसानों को 2000-2000 रुपये की किस्त में कृषि सहायता के रूप में पैसा भेजती है। पहली किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है। दूसरी किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच ट्रांसफर की जाती है। तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच भेजी जाती है। अब 12वीं किस्त का पैसा 1 अगस्त से नवंबर तक कभी भी आ सकता है। 30. हालांकि केंद्रीय कृषि मंत्रालय 1 अगस्त को पैसा भेजने की तैयारी कर रहा है.

क्या है योजना में रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस

चूंकि अभी तक सभी किसानों ने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है इसलिए पीएम किसान योजना के सालाना बजट को 75000 करोड़ रुपये से घटा दिया गया है. सरकार चाहती है कि सभी 14.5 करोड़ किसान इसमें शामिल हो जाएं. लेकिन कुछ किसान इसके लिए पात्र नहीं हैं. खासतौर पर वो जो सरकारी नौकरी करते हैं और अच्छे पद पर हैं. कुछ किसान आयकरदाता हैं.

ऐसे में आप मान सकते हैं कि 3 करोड़ किसान अभी और इस योजना में शामिल हो सकते हैं. आवेदन करने से पहले पहचान पत्र, किसान होने का सबूत, आधार कार्ड, राजस्व रिकॉर्ड यानी खसरा-खतौनी की नकल, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक अकाउंट नंबर साथ रख लें. ताकि जरूरत पड़ने पर उसे खोजना न पड़े.